Кемеровскую общественность всколыхнула новость о том, что водитель городского автобуса отказался продолжить движение и покинул салон из-за пенсионерки, источавшей неприятный запах. Во всей этой истории с душком разбирался наш корреспондент.
В редакцию «МК в Кузбассе» обратился кемеровчанин, который рассказал, что вечером 13 августа ему позвонила несовершеннолетняя дочь. На фоне ругани и отборной нецензурной брани, раздававшихся в салоне общественного транспорта, она просила отца приехать за ней, так как водитель автобуса №80, на котором девочка возвращалась домой, проехав одну остановку, заявил, что дальше никого не повезет. Причиной этому послужил неприятный запах, исходящий от старушки, которая, несмотря на настояния водителя, отказалась выйти из автобуса. «Раз ты не выходишь, выйду я», – сказал водитель и, припарковав транспорт на остановочном пункте «Гидроузел» (микрорайон Южный), покинул салон автобуса. Затем начались полтора часа стояния и противостояния водителя и пожилой женщины-ветерана.
Еще один очевидец произошедшего – постоянный пассажир автобуса №80 Нина Васильевна – рассказывает: «Большинство тех, кто пользуется этим маршрутом в вечернее время – садоводы-любители. В основном пенсионеры, люди преклонного возраста. Знаем друг друга в лицо. Бабушку, из-за которой возник конфликт, видим часто. Вполне адекватная старушка. У нее огород недалеко от нашего участка. Бабушка ездит на дачу практически каждый день, огород и домик у нее чистые и ухоженные. Да, одежда на ней не новая, но не грязная и не рваная, вполне обычная. Правда, от нее в последнее время почти всегда неприятно пахнет. Ездим с ней в одном транспорте, стараемся занять места подальше, терпим, куда деваться – человек она очень пожилой, под 90 ей. Есть дети и внуки. Но на вопрос, почему не сменит одежду, бабуля не отвечает, иногда в ответ начинает плакать».
В тот злополучный день бабушка, как обычно, управившись с делами на даче, спешила домой, ее попутчики тоже. Наверное, ждал окончания смены и водитель, но нервы мужчины сдали на предпоследнем в эту смену рейсе. Водитель, что называется, психанул и отказался продолжать движение, пока неприятно пахнущая старушка не покинет салон. На возмущение и уговоры остальных пассажиров реагировал агрессивно. Кричал, что все лето терпит вонь и больше не может. Предлагал пассажирам вызвать для бабушки такси.
«Мы позвонили в диспетчерскую УЕЗТУ Кемерова, там ответили, что решают данную проблему. И действительно, после этого водителю звонили, видимо начальство, но на уговоры он не поддавался, – рассказывает Нина Васильевна. – В итоге мы простояли почти полтора часа».
Thursday, August 29, 2019
Friday, November 23, 2018
सुरक्षा बलों ने पत्रकार बुखारी के हत्यारे समेत 6 आतंकियों को मार गिराया
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को 6 आतंकियों को मार गिराया। आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के बताए जा रहे हैं। मारे गए आतंकियों में पत्रकार शुजात बुखारी का हत्यारा भी शामिल है। मुठभेड़ बिजबेहरा के सेकिपोरा गांव में हुई।
पुलिस के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सेना और सुरक्षाबलों के जवानों ने सुबह तलाशी अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ में आजाद मलिक भी मारा गया। मलिक राइजिंग कश्मीर के संपादक बुखारी की हत्या में शामिल आतंकियों में से एक था। बुखारी की हत्या 14 जून को श्रीनगर के लाल चौक के पास हुई थी। आतंकियों ने बुखारी पर फायरिंग कर दी थी, इसमें दो सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई थी।
बड़ी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस के मुताबिक, आतंकियों के पास से काफी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। सुरक्षाबलों ने कुछ और आतंकियों को घेर रखा है। प्रदर्शनों से निपटने के लिए अनंतनाग में ऐहतियातन मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है।
शोपियां में मारे गए थे हिजबुल के 4 आतंकी
20 नवंबर को शोपियां के नदीगाम इलाके में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के चार आतंकियों को मार गिराया था। इस दौरान एलिट पैरा यूनिट का जवान एचसी विजय शहीद हो गया। दो अन्य सिपाही घायल हुए थे। दक्षिण कश्मीर के अचबल में आतंकियों ने इसी दिन हुर्रियत नेता हफीजुल्ला मीर को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले 14 नवंबर को भी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहे तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।
राजासांसी के गांव अदलीवाल स्थित निरंकारी भवन पर बम हमले के पीछे पाकिस्तान में आईएसआई की शरण लिए हुए खालिस्तानी आतंकियों का हाथ होना बताया जा रहा है। इनमें आतंकी हरमीत सिंह पीएचडी का नाम भी शामिल है। 40 साल का हरमीत ऐसा खालिस्तानी आतंकी है, जो राज्य में फिर आंतक फैलाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्र बताते हैं कि आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू की मौत के बाद आईएसआई ने हरमीत को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह राज्य में माहौल खराब करने के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करे। हरमीत भी अमृतसर के छेहर्टा का मूल निवासी है। खालिस्तान लहर से जुड़े युवा हरमीत के साथ हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस दिशा में जांच कर रही हैं।
कश्मीर पैटर्न पर किया गया गया हमला
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने आतंकी हमले की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि कश्मीर में भी इसी तरह के ही आतंकी हमले किए जाते हैं। माना जा रहा है कि हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड भी जम्मू-कश्मीर से ही लाया गया था, क्योंकि इस तरह के ग्रेनेड आतंकी वहां आर्मी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। कश्मीर में भी आतंकियों के मददगार इस तरह के हमले कर भाग जाते हैं। 14 सितंबर को मकसूदां थाने पर भी आतंकी ग्रेनेड अटैक कर भागे थे। सत्संग भवन पर हमले का तरीका भी ऐसा ही है। कुछ दिन पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी कहा था कि बाहरी ताकतों के जरिये पंजाब में फिर से आतंकवाद को जिंदा करने की साजिश रची जा रही है।
मोबाइल लोकेशन से सुराग की तलाश
सुरक्षा एजेंसियों ने बम कांड से एक घंटे पहले और बमकांड के बाद घटना स्थल के आसपास मौजूद मोबाइलों की टॉवर लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन पंजाब में मौजूद खालिस्तान समर्थकों को हर तरह की मदद उपलब्ध करा रहे हैं। इसके पीछे मकसद पंजाब में हिंसा फैलाने और कश्मीर को भारत से अलग करवाना है।
पुलिस के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सेना और सुरक्षाबलों के जवानों ने सुबह तलाशी अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ में आजाद मलिक भी मारा गया। मलिक राइजिंग कश्मीर के संपादक बुखारी की हत्या में शामिल आतंकियों में से एक था। बुखारी की हत्या 14 जून को श्रीनगर के लाल चौक के पास हुई थी। आतंकियों ने बुखारी पर फायरिंग कर दी थी, इसमें दो सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हो गई थी।
बड़ी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस के मुताबिक, आतंकियों के पास से काफी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। सुरक्षाबलों ने कुछ और आतंकियों को घेर रखा है। प्रदर्शनों से निपटने के लिए अनंतनाग में ऐहतियातन मोबाइल और इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है।
शोपियां में मारे गए थे हिजबुल के 4 आतंकी
20 नवंबर को शोपियां के नदीगाम इलाके में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के चार आतंकियों को मार गिराया था। इस दौरान एलिट पैरा यूनिट का जवान एचसी विजय शहीद हो गया। दो अन्य सिपाही घायल हुए थे। दक्षिण कश्मीर के अचबल में आतंकियों ने इसी दिन हुर्रियत नेता हफीजुल्ला मीर को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले 14 नवंबर को भी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहे तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया था।
राजासांसी के गांव अदलीवाल स्थित निरंकारी भवन पर बम हमले के पीछे पाकिस्तान में आईएसआई की शरण लिए हुए खालिस्तानी आतंकियों का हाथ होना बताया जा रहा है। इनमें आतंकी हरमीत सिंह पीएचडी का नाम भी शामिल है। 40 साल का हरमीत ऐसा खालिस्तानी आतंकी है, जो राज्य में फिर आंतक फैलाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्र बताते हैं कि आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू की मौत के बाद आईएसआई ने हरमीत को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह राज्य में माहौल खराब करने के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करे। हरमीत भी अमृतसर के छेहर्टा का मूल निवासी है। खालिस्तान लहर से जुड़े युवा हरमीत के साथ हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस दिशा में जांच कर रही हैं।
कश्मीर पैटर्न पर किया गया गया हमला
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने आतंकी हमले की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि कश्मीर में भी इसी तरह के ही आतंकी हमले किए जाते हैं। माना जा रहा है कि हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड भी जम्मू-कश्मीर से ही लाया गया था, क्योंकि इस तरह के ग्रेनेड आतंकी वहां आर्मी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। कश्मीर में भी आतंकियों के मददगार इस तरह के हमले कर भाग जाते हैं। 14 सितंबर को मकसूदां थाने पर भी आतंकी ग्रेनेड अटैक कर भागे थे। सत्संग भवन पर हमले का तरीका भी ऐसा ही है। कुछ दिन पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी कहा था कि बाहरी ताकतों के जरिये पंजाब में फिर से आतंकवाद को जिंदा करने की साजिश रची जा रही है।
मोबाइल लोकेशन से सुराग की तलाश
सुरक्षा एजेंसियों ने बम कांड से एक घंटे पहले और बमकांड के बाद घटना स्थल के आसपास मौजूद मोबाइलों की टॉवर लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन पंजाब में मौजूद खालिस्तान समर्थकों को हर तरह की मदद उपलब्ध करा रहे हैं। इसके पीछे मकसद पंजाब में हिंसा फैलाने और कश्मीर को भारत से अलग करवाना है।
Monday, November 5, 2018
परमाणु पनडुब्बी INS अरिहंत का 'अश्वमेध' पूरा, PM मोदी बोले- चेत जाएं दुश्मन
समंदर में अपनी पहली पेट्रोलिंग के बाद सोमवार को एटमी हथियार से लैस पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत स्वदेश लौट आया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरिहंत की टीम का स्वागत किया और इस पनडुब्बी को दुश्मनों के लिए चुनौती बताया. इसके साथ ही भारतीय सेना अब जमीन, समंदर और हवा में एटमी हमले का जवाब देने की क्षमता से लैस हो गई है.
पीएम मोदी ने अरिहंत की टीम को संबोधित करते हुए कहा, 'आपका ये अभियान सुरक्षा और संरक्षा के लिए तपस्या है. अरिहंत का अर्थ है दुश्मनों को नष्ट करना. ये देश की सुरक्षा के लिए उपलब्धि है. एक बड़ा कदम है.'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'अरिहंत भारत के दुश्मनों के लिए खुली चेतावनी है कि भारत के खिलाफ कोई दुस्साहस नहीं करे. सारा भारत आपका (अरिहंत) कृतज्ञ है. आज की ये सफलता है जिसे भारत ने अपने बल बूते हासिल किया है. ' उन्होंने कहा, 'भारत एक शांतिपूर्ण देश है. ये हमारी कमजोरी नहीं है. ये हमारी शक्ति है. भारत किसी को छेड़ता नहीं है लेकिन कोई छेड़ दे तो उसे छोड़ता नहीं है.'
आईएनएस अरिहंत के सेना में शामिल होने से भारत अब तिहरे एटमी हमले का मारक जवाब दे सकता है. जमीन पर अग्नि मिसाइल, हवा में लड़ाकू विमान और जल में अरिहंत के माध्यम से भारत एटमी हमलों का जवाब आसानी से दे सकता है. पीएम मोदी ने कहा, 'आईएनएस अरिहंत के कारण न्यूक्लियर ट्रायड हासिल करते हुए भारत एलिट देशों के साथ खड़ा हो गया है.'
प्रधानमंत्री मोदी ने अरिहंत की सफल पेट्रोलिंग के लिए सभी क्रू मेंबर को बधाई दी. पीएम ने कहा कि भारत का न्यूक्लियर ट्रायड ऐतिहासिक है क्योंकि यह दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. धनतेरस के मौके पर देशवासियों को इसकी सूचना देते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'आज धनतेरस खास बन गया है. भारत का गौरव, एटमी हथियारों से लैस आईएएन अरिहंत
ने अपना पहला पेट्रोल पूरा कर लिया है. मैं सभी क्रू मेंबर्स को बधाई देता हूं जिन्होंने यह ऐतिहासिक काम पूरा किया.'
चीन और पाकिस्तान के मद्देनजर सुरक्षा की जरूरतों पर बल देते हुए पीएम ने कहा कि आज के जमाने में एटमी निवारण वक्त ही मांग है. एटमी निवारण का तात्पर्य इससे है कि भारत ने पहले एटमी हथियार का प्रयोग न करने का फैसला किया है लेकिन वैसी स्थिति में कर सकता है जब कोई दूसरा देश उस पर हमला करे.
पीएम मोदी ने अरिहंत की टीम को संबोधित करते हुए कहा, 'आपका ये अभियान सुरक्षा और संरक्षा के लिए तपस्या है. अरिहंत का अर्थ है दुश्मनों को नष्ट करना. ये देश की सुरक्षा के लिए उपलब्धि है. एक बड़ा कदम है.'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'अरिहंत भारत के दुश्मनों के लिए खुली चेतावनी है कि भारत के खिलाफ कोई दुस्साहस नहीं करे. सारा भारत आपका (अरिहंत) कृतज्ञ है. आज की ये सफलता है जिसे भारत ने अपने बल बूते हासिल किया है. ' उन्होंने कहा, 'भारत एक शांतिपूर्ण देश है. ये हमारी कमजोरी नहीं है. ये हमारी शक्ति है. भारत किसी को छेड़ता नहीं है लेकिन कोई छेड़ दे तो उसे छोड़ता नहीं है.'
आईएनएस अरिहंत के सेना में शामिल होने से भारत अब तिहरे एटमी हमले का मारक जवाब दे सकता है. जमीन पर अग्नि मिसाइल, हवा में लड़ाकू विमान और जल में अरिहंत के माध्यम से भारत एटमी हमलों का जवाब आसानी से दे सकता है. पीएम मोदी ने कहा, 'आईएनएस अरिहंत के कारण न्यूक्लियर ट्रायड हासिल करते हुए भारत एलिट देशों के साथ खड़ा हो गया है.'
प्रधानमंत्री मोदी ने अरिहंत की सफल पेट्रोलिंग के लिए सभी क्रू मेंबर को बधाई दी. पीएम ने कहा कि भारत का न्यूक्लियर ट्रायड ऐतिहासिक है क्योंकि यह दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. धनतेरस के मौके पर देशवासियों को इसकी सूचना देते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'आज धनतेरस खास बन गया है. भारत का गौरव, एटमी हथियारों से लैस आईएएन अरिहंत
ने अपना पहला पेट्रोल पूरा कर लिया है. मैं सभी क्रू मेंबर्स को बधाई देता हूं जिन्होंने यह ऐतिहासिक काम पूरा किया.'
चीन और पाकिस्तान के मद्देनजर सुरक्षा की जरूरतों पर बल देते हुए पीएम ने कहा कि आज के जमाने में एटमी निवारण वक्त ही मांग है. एटमी निवारण का तात्पर्य इससे है कि भारत ने पहले एटमी हथियार का प्रयोग न करने का फैसला किया है लेकिन वैसी स्थिति में कर सकता है जब कोई दूसरा देश उस पर हमला करे.
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